इस्लाम मे ये काम करना हराम है

सबसे पहले जानते इस्लाम मे हराम का क्या मतलब है ? इस्लाम मे हराम का मतलब होता है वो काम जो इस्लाम के खिलाफ हो और जिसको करने से अल्लाह नाराज़ होता हो उस काम को करना हराम काम कहते है,

इस्लाम मे क्या क्या हराम है :- इस्लाम मे Music सुनना हराम माना जाता है ऐसी चीज़ जिसमे ढोल ताशों की आवाज़ आये वो सुनना हराम है

ऐसा क्यों है ? ऐसा इसलिए है इस्लाम का मानना है Music हमे अल्लाह तअला के रास्ते से भटकाता है, इसलिए music सुनना हराम है, इस्लाम मे सिर्फ और सिर्फ ढफली को सुनना सही माना गया है, यानि एक ढफली ही ऐसी चीज़ है जिसके सुनने पे इस्लाम में कोई पावंदी नही है

इस्लाम मे Dance करना हराम है :- यानि आप स्टेज पे या शादियों में या पार्टियो में डांस करते हो वो सब हराम है

औरत के लिए डांस करना इसलिए हराम है :- क्योंकि इस्लाम मे औरतो को पर्दे के हुकुम दिया गया है न कि स्टेज पे नाच गाना करने का औरत हमेशा पर्दे में ही रहना चाहिए औरत अगर स्टेज पे डांस करेगी तो लोग उसे देखेंगे और वो बेपर्दा हो जाएगी जो कि हराम है

मर्दों के लिए डांस इसलिए हराम है :- क्योंकि वो music पे डांस कर रहा है और म्यूजिक सुनना या उसपे डांस करना वो सब हराम है,

गैर मर्द या औरत के साथ हमबिस्तरी (जिना) करना हराम है :- इस्लाम का मानना है हमबिस्तरी करना एक क़ुदरती चीज़ है जो अल्लाह ने सिर्फ शौहर और बीबी के लिए बनाया है,

Note :- एक शौहर ही अपनी बीबी के साथ हमबिस्तरी कर सकता है बाकी किसी गैर मर्द या औरत को छूना हराम है

औरत को औरत और आदमी को आदमी के साथ हमबिस्तरी करना हराम है ये अल्लाह और क़ुदरत के उसूलों के खिलाफ है,

इस्लाम मे सुअर का गोश्त खाना हराम है क्योंकि सुअर इस दुनिया का सबसे गन्दा और घिनोना जानवर है, जो हमेशा गंदगी में ही रहता है इसलिए ऐसे जानवर का गोश्त खाना हराम है

अब तो Science ने भी कहे दिया :- सुुुअर का गोोश्त खाने से 70 तरह की बीमारियाँ होती है, जिसमे कुछ बीमारियां इस तरह है 1:- अंधापन 2:- दिल का दौरा 3:- ब्रेन हैमरेज जैसी खतरनाक बीमारियां होती है

यहाँ तक के सुअर का गोश्त खाने से हाइपोटेंशल की शिकायत होती है यही वजह है अमेरिका में 50% लोगो को हाइपोटेंशल की शिकायत है

ये थे इस्लाम मे वो काम जो हराम है इसी तरह की पोस्ट पाने के लिए हमारे इस blog को अभी follow कीजिये

शुक्रिया अल्लाह आपको हमेशा खुश रखे अमीन अल्लहुम्मा अमीन अल्लाह हाफ़िज़

0 views

©2020 by GS World